संस्कृति एक सामाजिक उत्पाद है !
उत्तराखंड मैं लोक गीतों का जब भी जिक्र होगा गिर्दा के बिना
वह अधूरा ही रहेगा ! गिरीश तिवारी 'गिर्दा' ने अपनी कविताओं को
जनता के स्वर दिए है ! पहाड़ के तमाम जनांदोलन मैं शामिल होकर
उन्होंने जन चेतना जगाने का काम किया है ! सत्तर के दशक के वन
बचाओ आन्दोलन से लेकर उत्तराखंड आन्दोलन मैं उनकी भूमिका
अग्रणीय रही है! ख़राब स्वास्थ्य के बावजूद अभी भी वह तमाम
जनसरोकारों से जुड़े हुए हैं ! श्याम देउपा की उनसे हुई बातचीत
के कुछ अंश Read More
Golu Devta: Gol-jew or Golu devta is the most admired and worshiped God of Kumaon Hills. He is said to be the incarnation of Bhairav devta alias KAAL BHIARAV, an embodiment of the Lord Shri Krishna More
Music: Dhol, Damama, Turi, Thal, Basuri, Binay, Huduk, Damroo, Dholak, Musakbeen etc are the muscial instruments used for kumaoni folk music and dance. More
Cuisine of Uttarakhand: One of the treasures of the uttarakhand hills is its food. The traditional cuisine of the land is highly nutritious and simple to prepare. Happy cooking and enjoy the food. More
जौयां मुरली एक लुप्त होती विरासत: द्वारा चेतना दुर्गपाल (स्रोत:दैनिक जागरण)
जौयां मुरली अलगोजा को कुमाऊंनी भाषा में जौयां मुरली कहा जाता है। जौयां मतलब जुड़वां। इसमें दो सामान्य मुरलियां आपस में जुड़ी होती हैं और More
नन्दा राजजात एक परम्परागत विरासत
राजजात या नन्दाजात का अर्थ है राज राजेश्वरी नन्दादेवी की यात्रा। गढ़वाल क्षेत्र में देवी देवताओं की जात बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। जात का अर्थ होता है देवयात्रा। लोक विश्वास यह है कि नन्दा देवी हिन्दी माह के भादव के कृष्णपक्ष में अपने मैत (मायके) पधारतीं हैं। More
Mountain meal memory: Mountain Meal Memory by Prof Dr Pushpesh Pant (Centre for International Politics, Organisation and Disarmament, JNU, India) More
कुमाऊँ की आलेखन परम्परा
कुमाऊँ का प्राचीन इतिहास अनेक कबीलों तथा विभिन्न संस्कृतियों को अपने आँचल में समेटे हुए है। कुमाऊँ में अल्पना तथा भिप्ति चित्रों का प्रत्यक्ष रुप व चलन चन्द शासन काल से होता है। More
Ramleela Ramleela is immensly popular in kumaon . In some part of the region it is enacted during Dussehara in October-November. Only in a few parts it is entacted int the month of chitra. wherever kumaonis go in a sizeable number, they unite and stage it. More
Bhitauli A Hearttouching Tradition and spirit: यहाँ कि लॊक संस्क्रिति कहीं न कही प्राक्रिति सॆ जुडी है, और मानविय पक्ष कॊ लॊक संस्क्रिति मॆं अधिक मार्मिक स्थान मिला है | लॊक संस्क्रिति का सीधा सम्बन्ध उसकॆ भाषा और साहित्य सॆ ही है | लॆकिन कुमाऊँ मॆ यह सम्बन्ध ज्यादा गहरा दिखाई दॆता है | विभीन्न सान्स्क्रितिक क्रित्यॊ कॊ साहित्य सॆ जॊडना ही इस लॊक संस्क्रिति की विशॆषता है | विधा कॊई भी हॊ ,चाहॆ झॊडा हॊ या चाचरि , जगरी हॊ या भगनौलॆ यॆ सभी लॊक संस्क्रिति सॆ जुडॆ संदर्भ है | More
Garhwali Mangal Geet जै जस दॆई, धरती माता,
जै जस दॆई, खॊली का गणॆश,
जै जस दॆई, मॊरी का नारैण,
जै जस दॆई, भुमी का भुम्याल,
जै जस दॆई, पंचनाम दॆवता, More
संस्मरण: कटोरा भर याद में डूबी टिहरी -
मोहन थपलियाल More
Uttarakhand Holi: View a video clip below it will take a few seconds...
हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड (उत्तरांचल) की संस्कृति, लोककला एवं लोकगीतों के बारे में इस वीडियो में जानकारी दे रहे हैं काकेश।